



गुजरात के बनासकांठा जिले में डीसा के पास एक अवैध पटाखा गोदाम में मंगलवार को भीषण ब्लास्ट हुआ, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई। इस ब्लास्ट में मृतकों के शव को बुधवार सुबह मध्य-प्रदेश उनके गांव के लिए रवाना किया गया है।
मृतकों में पांच बच्चे भी शामिल हैं
जानकारी के अनुसार, मृतकों में पांच बच्चे भी शामिल हैं, जो एमपी के देवास और हरदा जिलों के सदंलपुर और हंडिया गांव के रहने वाले हैं।
पटाखे रखने का लाइसेंस नहीं था
विस्फोट दीपक ट्रेडर्स के गोदाम में हुआ, जिसके पास पटाखे रखने का वैध लाइसेंस नहीं था। अहमदाबाद के ढोलका में एक प्लास्टिक फैक्ट्री में काम करने वाले चंद्रसिंह नायक ने इस त्रासदी में अपनी बेटी, दामाद, नाती राधा (3), अभिषेक (10) और दामाद के परिवार के दो अन्य सदस्यों को खो दिया।
नायक ने बताया, “मेरी बेटी और दामाद ने हाल ही में यहां काम शुरू किया था, जबकि मेरी सास पहले से काम कर रही थीं।”
मृतकों में दस लोग संदलपुर और ग्यारह लोग हंडिया के थे
इन लोगों को खो दिया वहीं हादसे में जीवीत राजेश नायक नाम के शख्स ने बताया कि यह हादसा सुबह 8 बजकर 45 मिनट के आसपास का है, जब मजदूर काम पर ही पहुंचे थे। इस हादसे में राजेश ने अपनी चाची, छोटे भाई और तीन बच्चों को गंवा दिया है।
शवों को ले जाने वाली दस एंबुलेंस में एक एक ताबूत और पुलिस वाहनों के साथ गांव में रवाना किया गया है
इसी कड़ी में डीसा ग्रामीण थाने के इंस्पेक्टर वीजी प्रजापति की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि शवों को ले जाने वाली दस एंबुलेंस में एक एक ताबूत और पुलिस वाहनों के साथ गांव में रवाना किया गया है।
दोषियों को मिलेगी कड़ी सजा
इस मामले पर गुजरात के उद्योग मंत्री बलवंत सिंह ने कहा कि यह हादसा काफी दुखद है। क्योंकि दोनों सरकारें पीड़ित परिवारों को राहत दे रही हैं। दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा। इसी के साथ अधिकारियों ने जल्द से जल्द सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
यह ब्लास्ट इतना भयावह था कि गोदाम तो तहस नहस हुआ ही इसके साथ-साथ 300 मीटर की दूरी पर विस्फोट की चपेट में आए मृतकों के शरीर के अंग बिखरे। कलेक्टर पटेल ने बताया कि परिसर में रहने वाले कुछ श्रमिकों के परिवार स्लैब के मलबे में दबकर मर गए।

Author: Knn Media
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